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Rashtriya sab janshakti party

Welcome to Rashtriya Sab Janshakti Party

बिहार वासियों “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” की तरफ से आप सभी का हार्दिक अभिनंदन, बंधुओ “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” हर जनता की अपनी विश्वसनीय पार्टी है । इस पार्टी का गठन हीं बिहार में ब्याप्त सभी विभागों में सभी प्रकार के दुखों और समस्याओं को दूर करने के लिए हुआ है । क्योंकी “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” हर जनता को जनार्दन अथवा ईश्वर का स्वरुप मानती है ।

Kalindar Kumar

National President

आदरणीय,
बिहार वासियों “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” की तरफ से आप सभी का हार्दिक अभिनंदन, बंधुओ “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” हर जनता की अपनी विश्वसनीय पार्टी है। इस पार्टी का गठन हीं बिहार में ब्याप्त सभी विभागों में सभी प्रकार के दुखों और समस्याओं को दूर करने के लिए हुआ है। क्योंकी “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” हर जनता को जनार्दन अथवा ईश्वर का स्वरुप मानती है।

यह पार्टी किसी व्यक्ति विशेष की पार्टी नहीं है, यह प्रत्येक जनता की अपनी पार्टी है। और पार्टी यह वादा करती है की प्रत्येक जनता का दुःख इसकी अपनों कष्टों के समान है। “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” किसी भी जनता को दुखी, बेवश और, लाचार नही देखना चाहती है। “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” तमाम जनता जनार्दन से यह निवेदन करती है की आपको अगर कोई भी वैसी तकलीफ जो पार्टी दूर कर सकती है। वैसी तकलीफों को आप सीधे वेझिझ्क पार्टी वेबसाइट या फेसबुक या ईमेल आईडी पर लॉग इन करे या पार्टी व्हाट्सएप्प पर शीघ्र मैसेज कर सकते है। आप अपनी सुझाव पार्टी को अवश्य भेजें।

“राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” का नाता सीधे जनता से है। अर्थात “पब्लिक टू पार्टी” है। बंधुओ बिहार की सारी समस्यएं पार्टी की अपनी समस्या है। चाहे वो समस्या किसी भी विभाग की हो चाहे वो – समस्या शिक्षा या शिकक्षक का हो, वो समस्या चाहे चिकित्सा या चिकित्सक की हो, विद्यालय या विद्यार्थी की हो, चाहे वो समस्या व्यवसाय या व्यवसाई की हो, वो समस्या चाहे विजली या विजली कर्मचारी की हो, चाहे वो समस्या मिडिया या मिडिया कर्मी की हो, चाहे वो समय किसान की हो, वकील की हो , सफाई कर्मी की हो, ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगो की हो, या आम जनता की हो, टेक्निकल,मेडिकल, तथा उउच्ची शिक्षाओं में अध्यनरत सभी छात्र की समय हो, बंधुओ पार्टी यह स्पस्ट कर देना चाहती है।

सभी समस्याओं को सरकार बनते ही सीघ्र दूर कर दिया जाएगा। बंधुओ “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” बिहार की बढती अशिक्षा, तथा समाप्त होते रोजगार, समाप्त होती नौकरिया, शिक्षा की जर जर हालात, चिकित्सा की लचर व्यवस्था, बिलुप्त होते व्यवसाय को शीघ्र दूर करने के लिए वचनबध्ध है। बंधुओ “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” सभी बिहारियों को बिहार में ही रोजगार, व्यवसाय, बिहार में ही भरपूर उधोग, धंधा, फैक्ट्रियां एवं प्रत्येक जनता के लिए उनकी योग्यता एवं अनुभव के अनुसार नौकरियां, एवं सभी छात्रों को कम खर्च पर तय समयनुसार उनकी कोर्षों को पूरा कराया जाएगा जिससे छात्र समय से अपने कोर्स को पूरा कर शीघ्र नौकरियां प्राप्त करेंगे। शिक्षकों, चिकित्सकों, विधुत कर्मी,सफाई कर्मी, सुरक्षा कर्मी, चाहे वो किसी भी विभाग में किसी भी सेवा से जुडा हो सबकी सेवा शर्तो को कानून के तहत मानकर शीघ्र पूरा करेगी।

बंधुओ सबसे महत्वपूर्ण बात हम बिहारियों के माथे पर जो प्रवासी और सस्ता श्रमिक के नाम के बदनसीबी का धब्बा लगा है इसे जल्द से जल्द बिहार में रोजगार,नौकरियां, उधोग–धंधे, डूबते व्यवसाय एवं बढती गरीबी तथा गिरती अर्थव्यवस्था को शीघ्र उठाकर एवं बिहार में रोजगार की नदी बहाकर उस दाग को समाप्त करना है। ताकि कोई भी बिहारी भाई प्रवाशी और सस्ता श्रमिक न कहलाए। मजदूर कहकर किसी की गरिमा को ठेस मत पहुचाओं, वो भी इंसान है और मान सम्मान पर सबका अधिकार है। बंधुओ “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” हर बिहारी को उचित मान सम्मान एवं बिहार में ही नौकरियां,रोजगार, व्यवसाय, उच्ची शिक्षा तथा सभी जनता की उसकी तथा उसकी नौकरी एवं रोजगार से सम्बन्धित सुरक्षा देने के लिए वचनब्ध है। किसी भी हाल में बिहार की आत्मसम्मान, रोजगार एवं राजस्व का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। बंधुओ आप गौर से देखे बिहार के रोजीरोटी,रोजगार,नौकरी,तथा राजस्व का कितना नुकसान हो रहा है।

बन्धुओं मै आप सभी जनता जनार्दन से विनती करता हूँ आप सभी लोग इस बार बिहार की चौमुखी एवं सर्वागीण विकास के लिए “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” का साथ दें। और बिहार में रोजगार की नदी बहाए और बिहार के विकास में भागीदार बने, बिहार बदलें।

आज आप प्रण करें की इसबार आप वोट सिर्फ और सिर्फ उसे करेंगे जो आपको प्रवासी कहलाने से हटाएगा, जो आपको और आपके बच्चो को श्रमिक नही बनने देगा, जो आपको बिहार में हीं रोजगार देगा, नौकरी देगा, उचित शिक्षा देगा, आपकी भविष्य की सुरक्षा देगा,समाप्त होते रोजगार को बचाएगा एवं रोजगार को बढ़ाएगा। मेरा आपसे निवेदन है की झांसे में आने से बचे क्युकी आपने तो अबतक लगभग सबको देख ही लिया है। बस आप एक मौका इसबार “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” को दें। और बिहार की भविष्य में चार चाँद लगाए, और बिहार के विकास में इस बार आप सिर्फ और सिर्फ “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” का साथ दें और चौमुखी एवं सर्वागीण विकास के लिए “राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी” को ही वोट दें।

नोट :- सभी जनता से आग्रह है की अपनी समस्यावों को पार्टी तक पहुँचाने और आगामी चुनावी एजेंडे में शामिल करने के लिए पार्टी को ईमेल.आईडी rashtriyasabjanshaktiparty@gmail.com, तथा पार्टी फेसबुक “rashtriya sab janshakti party” पर लॉग इन करें।

धन्यवाद

आदरणीय,
बिहार वासियों, मै कलिन्द्र कुमार आप सभी सम्मानित जनता जनार्दन को मेरा हार्दिक अभिनंदन और सादर प्रणाम, बंधुओ आज बिहार की मौजूदा दशा और हालात किसी से छुपी नहीं है। बिहार की सारी व्यवस्थायें चाहे वो – रोजगार हो, नौकरियां हो, शिक्षा हो, चिकित्सा हो, छात्र हों, शिक्षक हों, चिकित्सक हो, मिडिया या मिडिया कर्मी हों, सुरक्षा कर्मी हों, सफाई कर्मी हों, गरीब हों, दैनिक मजदूर हो, किसान हों, या वकील हों, या ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग हों, या फिर आम जनता हो, बंधुओं आज अपना बिहार किस स्थिति से गुजर रहा है।

इसकी दशा का वर्णन करना जुबान के बस में नही है, आज बिहार की सारी व्यवस्थायें चार दिवारी के अन्दर कैद एवं बेवश हो कर किसी कोने में सिसक रही है, क्या यही बिहार की परिभाषा इतिहासों में दर्ज है, क्या यही बिहार है, आज बिहार का तो मतलब हीं बदल गया है। भाइयो कब तक अपना बिहार सिसकियाँ लेगा। कब तक हम बिहारी सस्ता श्रमिक बनकर जियेंगे, कब तक हम बिहारी प्रवासी कहलाएंगे।

हम सभी इसपर विचार करें ग्रंथो में जनता को जनार्दन कहा गया है। जनता जनार्दन का स्वरूप है। और आज वही वेबस और लाचार है, धिरकार है, ऐसी राजनिति की l भाइयो मै बिहार के सभी धर्माचार्यो, धर्मगुरुओं, तथा संन्तो महात्माओ से और राज्य में कार्यरत सभी सरकारी और गैर सरकारी सेवाओं में कार्यरत सभी नागरिक तथा व्यवसायी, अधिवक्ताओं, तथा समाजिक सेवाओं से जुड़े तमाम व्यक्तियों से मेरा अनुरोध है की आप सभी एक बार अपने प्रदेश बिहार का अवलोकन करें।

और यह जानने की कोशिश करें की आज अपना राज्य कहा खड़ा है, देश में इसकी क्या अवस्था है, अपने हीं देश इसे किस नजर से देखा जाता है। बिहारी अपने हीं देश में परदेशी महसूस करता है। क्या इसमे कहीं न कहीं हम सभी दोषी नहीं है, अगर हैं तो क्यों हैं और हमे इसके लिए क्या करना चाहिए। अगर इतिहास का पिछला पन्ना देखा जाए तो पिछले 30 वर्षो से बिहार में कोई विकास नहीं हुआ है, जिसका नतीजा आज पूरा बिहार भुगत रहा है और कोई न कोई आपका सगा सम्बन्धी भी कहीं न कहीं से बिहारी कहकर या प्रवासी कहकर अवश्य भगाया जाता है। मैं आपसे पूछना चाहता हूँ। आखिर कब तक भागेगा वो, और कहाँ कहाँ से भागेगा, क्या बिहारी भगोड़ा है, आखिर वो कब तक भगाया जाएगा। आखिर कब तक भागेगा।

क्या बिहार में रोजगार कोई फैक्ट्री, कोई उद्धयोग धंधा नहीं लगना चाहिए, क्या बिहारी को बिहार में हीं उच्ची शिक्षा नहीं मिलनी चाहिए, क्या बिहारी होना अभिस्राप है, क्या बिहारी को सम्मान और प्रतिष्ठा नहीं मिलना चाहिए, आखिर कब तक बिहारी अपना प्रदेश छोड़कर रोजी रोजगार के लिए अन्य प्रदेशो में जायेंगे और दर दर की ठोकरे खाएंगे, आखिर बिहारी कब तक प्रवासी कहलाएंगे, और कब तक बिहार बाढ़ में डूबेगा। यह बात हर बिहारवासी से पूछना चाहता हूँ, की क्या आपका बिहार के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं है।

मैं ये जानना चाहता हूँ कि क्या बिहार में अंतराष्ट्रीय एयर पोर्ट नहीं होना चाहिए, जब बिहारी उसको प्रदेश और देश में कहीं भी नौकरी नहीं मिलती है तो वो गरीव मजदूर भाई मजबूर होकर अपना घर परिवार और देश को छोड़कर नौकरी के लिए विदेशों में जाना पड़ता है। उससे पहले उसका मानसिक और आर्थिक शोषण यही होता है, वो एक बार नहीं कई कई बार कभी इंटरव्यू के नाम पर मेडिकल के नाम पर वीसा के नाम पर फ्लाइट के नाम पर देश के बड़े बड़े शहरों (दिल्ली और बम्बे) का कई बार चक्कर लगाता है। तब जाकर कहीं उसे विदेश में नौकरी मिलती है। कई बार तो उस बेचारे गरीब का पैसा भी डूब जाता है, जो वह पैसा भी कहीं से कर्ज लिया होता है।

मेरे भाइयो एक गरीब और बेबस की जिंदगी कितनी बेबशी और लाचारी से भरी है, कभी गौर से सोचेंगे। तो मुझे यह लगता है की आपका जी भर जाएगा l अगर बिहार में ट्रैवलिंग परामर्श कार्यालय और अंतराष्ट्रीय एअरपोर्ट की सुविधा होती तो उस गरीब को रोजी रोटी के लिए विदेश जाना आसान हो जाता। तथा लाखों लोगो की रोजी रोटी मिल जाती और बिहार को उचित सम्मान भी मिलता l मेरे भाई अभी भी समय है, सोच बदले बिहार बदले तरक्की की नयी उडान एवं रफ्तार दें।

बिहार की उच्ची शिक्षा का कोई भी सत्र टेक्निकल और समान्य शिक्षा अपने निर्धारित समयानुसार नहीं हो पाता है, बच्चे एक ही सत्र में कई बर्षों से उलझे पड़े है, उनकी समय से परीक्षाएं नहीं होती है, उनको समय से रिजल्ट्स नहीं मिलती है, टेक्निकल छात्रों की तो और बुरी स्थिति है, उनको कोई पूछने वाला नहीं है, उनको ये भी पता नहीं की उनकी परीक्षाएं कब होगी, उनको रिजल्ट्स कब मिलेगा, उनको नौकरी कब मिलेगा, इसी आश में बेचारे वर्षों से असमान में देख रहे हैं। प्रसिक्षित छात्रों की हालात एक दम बुरा है नौकरी की इन्तजार करते करते कितनो की तो उम्र हीं समाप्त हो गई, और कितनो की होने वाली है, सरकारी विध्यालयों, हॉस्पिटल, कॉलेज सरकारी कार्यालयों की दीवारें तक चीख चीख कर रो रही हैं।

बिहार का अन्नदाता (किसान) तो केवल ईश्वर के हीं भरोसे है। उसे कोई पूछने वाला नहीं है। मेरे भाइयो बस एक बार आप बिहार के विकाश में मेरा साथ दें, अबकी बार आप बिहार के विकाश के लिए केवल और केवल राष्ट्रीय सब जनशक्ति पार्टी को ही वोट दें, अबकी बार आपका वोट केवल बिहार के विकास के लिए ही होना चाहिए, मै आपको बिहार में भरपूर रोजगार,नौकरी,उच्ची शिक्षा,उचित चिकित्सा दूंगा, कोई प्रवासी मजदुर नहीं होगा, और सभी गर्व से बिहारी कहलाएंगे।

मनुष्य एक विचारशील प्राणी है। वह ध्यान करता है। विचारधारा विचारधारा का मूल है। लेकिन एक सिद्धांत बनने के लिए दो शर्तें हैं। पहली शर्त यह है कि विचार लंबे समय तक नहर की तरह बहता है और दूसरी शर्त यह है कि सामाजिक स्वीकृति प्राप्त हो। इस तरह, ध्यान समय के अंतराल पर ध्यान केंद्रित करके समाज की स्वीकृति प्राप्त करता है और तभी इसे एक विचारधारा के रूप में स्वीकार किया जाता है। सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक या धार्मिक सभी क्षेत्रों में विचार समान प्रक्रिया का पालन करते हैं। इसमें व्यक्ति (विचारक) के विचार की निरंतरता और उसका प्रभाव और सामाजिक पहचान तीन चीजें महत्वपूर्ण हैं।