राष्ट्रीय समाजवादी जनक्रांति पार्टी के मिशन की एक झलक

    1. देश के अंदर सशक्त जनलोकपाल एवं प्रदेशों के अंदर लोकायुक्तों की नियुक्ति आवश्यक क्यों ?

    पार्टी का मानना है कि देश के अंदर स्थापित समस्त जांच एजेंसियां केन्द्र सरकार सहित प्रदेश सरकार के अधीनस्थ हैं जिसके कारण  प्रधानमंत्री कार्यालय सहित मुख्यमंत्री के कार्यालयों की जाँचों को प्रभावित किया जा सकता है जिससे भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाना कठिन ही नही नामुमकिन होगा। 

    1. देश के अंदर सशक्त जनलोकपाल
एवं प्रदेशों के अंदर लोकायुक्तों की नियुक्ति आवश्यक क्यों ?
पार्ट

    आय से अधिक सम्पत्ति के रुप में माननीय अधिकारीयों, कर्मचारियों के रुप में स्वंय की अर्जित आय से अधिक हासिल की गयी सम्पत्ति सहित बेनामी सम्पत्तियों की जांचकर कालेधन को उजागर किया जा सकता है। जिसकी जब्ती से बहुत बड़े राजस्व की प्राप्ती होगी। उक्त धन से देश के अंदर कल कारखानों को विकसित कर, बेरोजगार हाथों को काम देकर आर्थिक समानता की पहल की जा सकती है। जिससे कि पेट की रोटी, बदन का कपड़ा एवं सर की छत को लेकर परेशान नौजवान को जुर्म के प्रति अग्रसर होने से रोका जा सकता है। 

    जनलोकपाल के गठन की प्रक्रिया में स्वस्छ छवि को  ध्यान में रखते हुये लोकतांत्रिक प्रशासनिक, न्यायिक संगठनों  सहित सामाजिक संगठन से व्यक्ति का चयन हो सकता है जिससे कि सबका प्रतिनिधित्व प्राप्त होगा। 

     

    2. सामान्य शिक्षा प्रणाली

    सामान्य शिक्षा प्रणाली के अभाव में शिक्षा के स्तर पर हम अमीर एवं गरीब की तर्ज पर बटे हुए हैं। एक तरफ सरकारी विद्यालय दूसरी तरफ प्राइवेट। एक तरफ अमीरों का बच्चा तो दूसरी तरफ गरीबों का, इस भिन्नता को समाप्त करते हुए पार्टी का मिशन है कि सत्ता में आते ही एक तरह का स्कूल बनाना जैसे सरकारी विद्यालयों में प्राइवेट विद्यालयों को सम्मलित कर, रोजगार उपलब्ध कराते हुए सरकारी विद्यालयों की संख्या बढ़ाते हुए साथ ही विद्यालयों को अत्याधुनिक बनाते हुए एक ही छत के नीचे नेता व्यापारी, कर्मचारी, अधिकारी, किसान, मजदूर के बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था देना।

    साथ ही शिक्षा एवं स्वास्थ्य को शुल्क मुक्त करते हुए पार्टी व्यक्ति निर्माण, समाज, निर्माण, एवं देश निर्माण की पहल करेगी। साथ ही इस पहल से जाति के नाम पर धर्म के नाम पर क्षेत्रवाद एवं भाषा के नाम पर नफरत पैदा कर इंसानियत का खून करने वाली विचारधारा को समाप्त करेगी। 

    अपनी संस्कृती को जीवित रखते हुए रोजगार के क्षेत्र में उन्नति हेतु रोजगार परख शिक्षा की व्यवस्था पार्टी द्वारा की जाएगी। 

    उच्च न्यायालयों सहित उच्चतम न्यायालय में एवं सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में देश के अंदर अंग्रेजी के समानान्तर हिन्दी एवं क्षेत्रिय भाषा को अधिकार दिया जाएगा। जिससे कि भिन्न-भिन्न भाषाओं को जानने वाले व्यक्तियों द्वारा अपने पक्ष या विपक्ष की गई कार्यवाही की जानकारी हो सके।

    सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं को पारदर्शी बनाना जिसका तात्पर्य होगा जनता की गाढ़ी कमाई का सदुपयोग। साथ ही व्यक्ति की कार्य निष्पादन का तरीका भी स्पष्ट हो सके।

    1. देश के अंदर सशक्त जनलोकपाल
एवं प्रदेशों के अंदर लोकायुक्तों की नियुक्ति आवश्यक क्यों ?
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    3. एफड़ीआई का विरोध

    पार्टी का मानना है कि भारत के अंदर शिक्षा का स्तर लगभग 50 प्रतिशत व  उच्च शिक्षा का स्तर 20 प्रतिशत है ऐसी परिस्थिति में पूर्ण साक्षरता का दर्जा प्राप्त देशों से नुकसान कैसे नहीं होगा ।

    क्या सम्भव है कि लड़ाई के मैदान में अत्याधुनिक हथियारों का मुकाबला अपनी जंग लगी बंदूकों से किया जा सके या खेल के मैदान में अभ्यस्थ खिलाड़ी की प्रतियोगिता किसी  साधारण खिलाड़ी से हो सकती है? नही! इस मुद्दे पर पार्टी का मानना है कि शैक्षिक समानता सहित तकनीकी विकास के बिना भारत के अंदर एफड़ीआई घातक साबित होगी। जिसका पार्टी पुरजोर विरोध करती है। 

    एफड़ीआई का प्रभाव देश के ऊपर  स्पष्ट रूप से गरीब, अमीर एवं शिक्षित, अशिक्षित के रुप में परिलक्षित होता है । इससे व्यक्ति का विकास, समाज का विकास और देश का विकास अवरुद्ध होता है । इसके निदान के लिए पार्टी की स्पष्ट नीति आर्थिक समानता सहित शैक्षिक समानता है जिसके लिए पार्टी अपनी विचारधारा को लेकर जनक्रांति की तरफ अग्रसर है जिससे कि व्यक्ति समाज एवं देश का निर्माण किया जा सके। 

    उक्त मिशन को सफल मिशन बनाने हेतु ठाकुर जी सहयोग की अपील करते हैं  

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