जीवनी - संस्थापक आरएसजेपी

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  • March-15-2018

     

    शिवलाल ठाकुर जी  उत्तर प्रदेश की राष्ट्रीय समाजवादी जनक्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और किसान नेता हैं। एक साधारण परिवार मे जन्म लेने वाले शिवलाल ठाकुर जी  ने  किसानों ,गरीब मजदूरों   व छोटे-छोटे व्यवसाईयों की अवाज़ बनने का काम  किया है । पूंजीपति व्यवस्था के अंतर्गत संचालित चुनावों को  बंद करने के मुद्दों को लेकर समाज के लिए कार्य किया है।  

    एस. एल. ठाकुर जी का कहना है कि गुण्ड़ा राज, भ्रष्टाचार, अत्याचार, बलात्कार तब तक  खत्म नहीं हो सकता, जब तक कि पूंजीपति व्यवस्था चुनाव पर हावी होना खत्म न करे । पार्टी नेताओं सहित पार्टी प्रत्याशियों से यह सवाल जरूर होना चाहिये  कि इनकी  गाड़ियों के काफिलों का खर्च, बन्दूकों का जखीरा , व अराजक तत्वों के जमावाड़े का खर्च कहां से आता है। 

    एसएल ठाकुर जी  ने समाज में समाजिक असमानता के खिलाफ अवाज उठाने का कार्य बेहद ज़ोर शोर से किया है वह सामाजिक स्तर को उपर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। भारतीय जीवन बीमा से कार्य करने के साथ समाज व महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ समय-समय पर अवाज उठाने का कार्य करते आ रहे हैं। एस एल ठाकुर जी  ने अन्ना आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा था कि लोकतंत्र में लोकपाल जरुरी है वह इन  मुद्दों को लेकर लगातार कार्य करते आ रहे हैं। 

     शिवलाल
ठाकुर जी&

    राष्ट्रीय समाजवादी जनक्रांति पार्टी का मिशन 

    देश के अंदर सशक्त जनलोकपाल एवं प्रदेशों के अंदर सशक्त लोकायुक्तों की नियुक्ति आवश्यक क्यों ?

    राष्ट्रीय समाजवादी जनक्रांति पार्टी का मानना है कि देश के अंदर स्थापित समस्त जांच एजेंसियां केन्द्र सरकार सहित प्रदेश सरकारों के अधीनस्थ हैं. जिसके कारण  प्रधानमंत्री कार्यालय सहित मंख्यमंत्रियों के कार्यालयों से जांचों को प्रभावित  किया जा सकता है. जिससे भ्रष्टाचार पर नियन्त्रण पाना कठिन ही नहीं नामुमकिन है।

     शिवलाल
ठाकुर जी&

    आय से अधिक सम्पत्ति के रुप में माननीय अधिकारियों व कर्मचारियों के स्वंय की  अर्जित आय से अधिक हासिल की गई सम्पत्ति सहित बेनामी सम्पत्तियों की जांच कर कालेधन को उजागर किया जा सकता है। जिसकी  जब्ती से बहुत बड़े राजस्व की प्राप्ति होगी। उक्त धन से देश के अंदर कल कारखानों को विकसित कर, बेरोगार हाथों को काम देकर आर्थिक समानता की पहल की जा सकती है।जिससे कि पेट की रोटी, बदन का कपड़ा एवं सर पर छत को लेकर परेशान नौजवानों को माफिया, उग्रवाद, नक्सलवाद की तरफ अग्रसर होने से रोका जा सकता है।

    जनलोकपाल के गठन की प्रक्रिया को स्वच्छ छवि को  ध्यान में रखते हुए लोकतांत्रिक, प्रशासनिक, न्यायिक सहित सामाजिक संगठनों से व्यक्ति का चयन हो सकता है। जिससे कि सबका प्रतिनिधित्व प्राप्त होगा। 

    सामान्य शिक्षा प्रणाली के अभाव में शिक्षा के स्तर पर हम अमीर एवं गरीब की तर्ज पर बटे हुए हैं। एक तरफ सरकारी विद्यालय दूसरी तरफ प्राइवेट। एक तरफ अमीरों का बच्चा तो दूसरी तरफ गरीबों का, इस भिन्नता को समाप्त करते हुए पार्टी का मिशन है कि सत्ता में आते ही एक तरह का स्कूल बनाना जैसे सरकारी विद्यालयों में प्राइवेट विद्यालयों को सम्मलित कर, रोजगार उपलब्ध कराते हुए सरकारी विद्यालयों की संख्या बढ़ाते हुए साथ ही विद्यालयों को अत्याधुनिक बनाते हुए एक ही छत के नीचे नेता व्यापारी, कर्मचारी, अधिकारी, किसान, मजदूर के बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था देना।

    साथ ही शिक्षा एवं स्वास्थ्य को शुल्क मुक्त करते हुए पार्टी व्यक्ति निर्माण, समाज, निर्माण, एवं देश निर्माण की पहल करेगी। साथ ही इस पहल से जाति के नाम पर धर्म के नाम पर क्षेत्रवाद एवं भाषा के नाम पर नफरत पैदा कर इंसानियत का खून करने वाली विचारधारा को समाप्त करेगी। 

     शिवलाल
ठाकुर जी&

    अपनी संस्कृती को जीवित रखते हुए रोजगार के क्षेत्र में उन्नति हेतु रोजगार परख  शिक्षा की व्यवस्था पार्टी द्वारा की जायेगी। 

    उच्च न्यायालयों सहित उच्चतम न्यायालय में एवं सरकारी गैर सरकारी कार्यालयों में देश के अंदर अंग्रेजी के समानान्तर हिन्दी एवं क्षेत्रीय भाषा को अधिकार दिया जायेगा। जिससे कि भिन्न-भिन्न भाषाओं को जानने वाले व्यक्तियों द्वारा अपने पक्ष या विपक्ष पर की गई कार्यवाही की जानकारी हो सके।

    सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं को पारदर्शी बनाना जिसका तात्पर्य होगा जनता की गाढ़ी कमाई का सदुपयोग। साथ ही व्यक्ति की कार्य निष्पादन का तरीका भी स्पष्ट हो सके।

    एफड़ीआई का विरोध :-

    पार्टी का मानना है कि भारत के अंदर शिक्षा का स्तर लगभग 50 प्रतिशत व  उच्च शिक्षा का स्तर 20 प्रतिशत है ऐसी परिस्थिति में पूर्ण साक्षरता का दर्जा प्राप्त देशों से नुकसान कैसे नहीं होगा ।

    क्या सम्भव है कि लड़ाई के मैदान में अत्याधुनिक हथियारों का मुकाबला अपनी जंग लगी बंदूकों से किया जा सके या खेल के मैदान में अभ्यस्थ खिलाड़ी की प्रतियोगिता किसी  साधारण खिलाड़ी से हो सकती है? नही! इस मुद्दे पर पार्टी का मानना है कि शैक्षिक समानता सहित तकनीकी विकास के बिना भारत के अंदर एफड़ीआई घातक साबित होगी। जिसका पार्टी पुरजोर विरोध करती है। 

    एफड़ीआई का प्रभाव देश के ऊपर  स्पष्ट रूप से गरीब, अमीर एवं शिक्षित, अशिक्षित के रुप में परिलक्षित होता है । इससे व्यक्ति का विकास, समाज का विकास और देश का विकास अवरुद्ध होता है । इसके निदान के लिए पार्टी की स्पष्ट नीति आर्थिक समानता सहित शैक्षिक समानता है जिसके लिए पार्टी अपनी विचारधारा को लेकर जनक्रांति की तरफ अग्रसर है जिससे कि व्यक्ति समाज एवं देश का निर्माण किया जा सके। 

    उक्त मिशन को सफल मिशन बनाने हेतु ठाकुर जी सहयोग की अपील करते हैं

     

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